इंटरनेट में हिन्‍दी का अस्तित्‍व


कई सालों से कम्‍प्‍युटर में, कुछ सालों से इंटरनेट में मेरा बहुत वक्‍त गुजरता र‍हा, पिछले पॉच वर्षों में इंटरनेट तकनीकों की दुर्गम गहराईयों को जाना, जहां सूचना एवं प्रौद्योगिकी के दिग्‍गजों ने (मेरे क्षेत्र के) कोई कार्य नहीं किया. परन्‍तु अब तक सब कुछ बि‍खरा और असंगठित सा रहा है. कुछ समय से छत्‍तीसगढ़ का इंटरनेट में सुदृढ़ अस्तित्‍व विकसित करने की उधेड़ बुन चल रही थी. पर कुछ स्‍पष्‍ट हो नही पाया.
अचानक मालूम हुआ पहली आवश्‍यकता इंटरनेट में हिन्‍दी के अस्तित्‍व पर कार्य करने की है.
इंटरनेट में हिन्‍दी के पुरोधाओं से प्रेरणा लेकर आज श्रीगणेश हो ही गया.
इंटरनेट में हिन्‍दी के अस्तित्‍व के लिए सुसंगठित प्रयास क्‍या किया जा सकता है?

सबसे पहले पहला कदम एक इंटरनेट अपील

वि‍षय - हिन्‍दी वितान सूची
नमस्‍कार
कृपया हिन्‍दी वितान स्‍थल सूची विकसित करने में सहायता करें . इंटरनेट में कुछेक वितान स्‍थलों की ही जानकारी मिलती है . जबकि अनेकों उच्‍चस्‍तरीय हिन्‍दी वितान स्‍थलों की उपलब्‍धता संभावित है, परन्‍तु खोज एवं सूचियों में दर्ज नही हैं . यहीं आपकी महती आवश्‍यकता है .
आपके व्‍दारा बताई गई एक वितान स्‍थल का पता भी महत्‍वपूर्ण योगदान होगा .
अग्रिम धन्‍यवाद
सादर

पहला दिन अत्‍यन्‍त उत्‍साहवर्धक रहा . (जारी...)

4 comments:

जयप्रकाश मानस said...

आपका काम हिन्दी के उन्नयन की दिशा में मील का पत्थर साबित होने वाला है । इससे छत्तीसग़ढ जैसे छोटे राज्यों के लोगों को जहाँ इंटरनेट और कम्प्युटर के प्रयोग को लेकर आम लोगों में एक भय सा वातावरण है, विशेषकर अंग्रेजी की तथाकथित अनिवार्यता को लेकर उपजती शंकाओं का लेकर, प्रभावशाली व प्रेरणात्मक वातावरण निर्मित हो सकेगा । यह भाषा सेवा का नायाब नमूना भी है । इससे किसी भी अंतरजाल यात्री को एक साथ हिन्दी की सभी साईटस की जानकारी क्लिक करते ही मिल जायेगी । आपके कार्य की महत्ता इसलिए भी और बढ जाती है कि इससे हम हिन्दी में रचने वाले पत्रकार, साहित्यकार और भी विविध क्षेत्र में कार्य करने वालों के लिए अपनी अभिव्यक्ति का मौका उपलब्ध करा रहे हैं । आपके कार्य को मैं हिन्दी के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम के रूप में स्वागत करना चाहता हूँ । हाँ, एक आग्रह हिन्दी की कुछ और भी पत्रिकाएं हैं जिन्हें आप अपनी डायरेक्टरी में अवश्य जोडना चाहेंगे । -मानस,रायपुर

राम पटवा said...

हम हिन्दी वालों को आपसे बहुत आशा है । खास कर छत्तीसगढ के रचनाकारों को । आपके इस साईट को मैं कुछ दिन से नियमित देख रहा हूँ... क्या कारण है कि आप अपने डायरेक्टरी में हिन्दी की नयी सूचियों को नहीं जोड रहे हैं । कृपया संलग्नता को निरंतरता प्रदान करें । मैं चाहूँगा कि आप रोज कोई न कोई हिन्दी बेव या ब्लाग को डायरेक्टरी में जगह प्रदान करें । और कुछ नया नहीं कहने को... राम पटवा, सृजन-सम्मान

Mukund said...

Mei is sandesh ko hindi mei prakashit karna chahata hu par ise hindi mei kaise likhu ye jaan nahi paa raha hu. Agar aap meri madad kar sake to bahut achha hoga. Aapka pryaas nishchit hi saraahniiye hei.

Shubhkaanaye.
Mukund

mayasingh said...

bahut hi achchha lag raha hai. Apni bhasha jo matibhasha hai, me dekh kar.
Is web site ko banane wale saheb ko koti-koti pranam.
yah mere dil ki uddgar hai.