आलेख आमंत्रित हैं

नि:शुल्‍क इंटरनेट प्रकाशन हेतु हिन्‍दी और अंग्रेजी में आलेख आमंत्रित है। चित्र एवं वीडियो का भी स्‍वागत है। यह सामग्री इंटरनेट में हिन्‍दी का अस्तित्‍व ब्‍लॉग पर, वेब मीडिया द्वारा संचालित वेब साईट समूह और इंटरनेट के कई स्‍थानों पर अधिक से अधिक प्रकाशित और प्रचारित किया जाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो अपनी भावनाओं का, अपने संदेश का अधिक से अधिक प्रसार चाहते हैं। आप चाहें साहित्‍यकार हो, चाहे आम आदमी हो कोई भी सुंदर सकारात्‍मक बात इंटरनेट प्रकाशन द्वारा वैश्विक मंच में स्‍वागत कर सकतें हैं। इस सुविधा का उद्देश्‍य इंटरनेट विहीन लोगों को तथा इंटरनेट का कम इस्‍तेमाल करने वाले लोग, जो इंटरनेट में प्रसार के तरीकों का उपयोग नहीं कर पाते, उन्‍हें इंटरनेट प्रसार की सेवा नि:शुल्‍क प्रदान कर इंटरनेट में हिन्‍दी का अस्तित्‍व के क्षेत्र में काम करना है। (वेब डेवलपमेंट की भाषा में कहा जाए तो यह नि:शुल्‍क सेवा Free S.E.O Backed With Web Services कहलाएगी।)

य‍ह एक कन्‍सेप्‍ट को लेकर शुरूआत की जा रही है अतएव, सुझाव और सहयोग भी सादर आमंत्रित हैं।

सादर
वेब मीडिया Web Media

4 comments:

Asha said...

मेरी व्‍यंग के कुछ कार्य है

ummed Singh Baid "saadahak " said...

धन्यवाद.मैं गीता पर एक पूरी कक्षा चलाना चाहता हूँ.प्रति सप्ताह एक श्लोक पर वर्तमान संदर्भ्रों में ्व्याख्या दूँगा. उसपर पाठक अपनी जिज्ञासा,सम्मत्ति,सुझाव,ट्टिप्पणी आदि दे सकेंगे.
एक निश्चित अवधि में उनका प्रत्युत्तर मिलेगा.
इस प्रकार सातसौ श्लोंकों पर निरन्तर कार्य चलेगा. कृपया सुझाव दें. फोन मो.९९०३० ९४५०८.

Web Media said...

परम आदरणीय Ummed Singh Baid "saadahak " जी

आपकी भावना के क्रियान्‍वयन से बहुत अच्‍छा कार्य होगा । जो हिन्‍दी और भारतीय दर्शन के क्षेत्र में दूरगामी प्रभावकारी होगा । आपसे तत्‍काल ही इस सिलसिले में श्रीगणेश करने का आग्रह है ।

भवदीय
वेब मीडिया

ummed Singh Baid "saadahak " said...

बहुत बधाई स्वागत की, साधुवाद है मित्र.
आशंका सुनलें मगर, तभी हो पूरा चिय्र.
पूरा तब हो चित्र, त्वरा समझूँ मैं आपकी.
मेरा क्या अधिकार, क्या रहे सीमा आपकी?
पूछे साधक, कैसी होगी प्रेम-सगाई !
गीता पर कैसे बाटेंगे, बहुत बधाई ?